
एक्टर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद अपने वकील भास्कर उपाध्याय के साथ 28 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी. मुंबई में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक्टर ने अपने चेक बाउंस मामले के बारे में खुलकर बात की. इसके अलावा राजपाल यादव ने बताया कि आगे आने वाले सालों में उनके पास ढेर सारे प्रोजेक्ट्स हैं, जिससे वो मालामाल होने वाले हैं. साथ ही उन्होंने तिहाड़ जेल में रहते हुए उनकी मदद को सामने आए सितारों और फैंस को आर्थिक मदद के लिए शुक्रिया भी कहा.
एक्टर ने बताया कि उनपर केस करने वाले बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने उनकी 2010 की फिल्म ‘अता पता लापता’ में 5 करोड़ रुपये इन्वेस्ट किए थे. ये राजपाल की बतौर डायरेक्टर पहली पिक्चर थी, जो फ्लॉप साबित हुई. इसके बारे में राजपाल यादव के वकील भास्कर ने दावा किया कि इसपर ब्याज लगाया गया, जिससे वापसी की रकम बढ़कर 10.40 करोड़ रुपये हो गई थी. उनके मुताबिक, शिकायतकर्ता, राजपाल को जेल में देखना चाहते हैं. उन्होंने एक्टर की तरफ से दी गई जमानत राशि और प्रॉपर्टी के कागज को भी लेने से मना कर दिया था.
इस दौरान राजपाल यादव ने भी अपनी सफाई में बताया कि जब प्रोड्यूसर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, तब उन्होंने फ्री में काम किया है. एक्टर ने बताया कि उन्होंने उनके गांव को गोद लिया और उसके विकास में अपना योगदान दिया. एक्टर ने यह भी कहा कि प्रोडक्शन हाउस खोलने का उनका उद्देश्य बस इतना था कि वह छोटे कस्बे और संघर्ष कर रहे नए लोगों को एक मौका दे सकें. इसके आगे राजपाल ने बड़ा खुलासा भी किया. राजपाल यादव ने आगे बताया, ‘मेरे पास आने वाले 7 सालों तक ब्रांडिंग के लिए 1200 करोड़ रुपये का काम है. मेरे पास 4 अग्रीमेंट्स हैं और इसमें फिल्में नहीं हैं. कुछ प्रोजेक्ट्स हैं जो 200 करोड़ रुपये के हैं और कुछ 2000 करोड़ रुपये के. इसमें से कुछ फीस की रकम है और कुछ प्रोजेक्ट्स में मेरे शेयर्स हैं. मेरे पास लाइन में 10 फिल्में हैं. इसमें भूत बंगला रिलीज होने जा रही है. उसके बाद में वेलकम टू द जंगल आ रही है. उसके बाद भी कुछ प्रोजेक्ट्स हैं.’




