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बहन को छेड़ने वाले दोस्त को मारकर खेत में दफनाया:फर्रुखाबाद में 9 महीने बाद कंकाल मिला, पत्नी CM ऑफिस गई तो न्याय मिला

फर्रुखाबाद में एक युवक ने बहन से छेड़छाड़ करने वाले अपने दोस्त की हत्या कर दी

फर्रुखाबाद में एक युवक ने बहन से छेड़छाड़ करने वाले अपने दोस्त की हत्या कर दी। शव को घर से 1 किलोमीटर दूर खेत में गाड़ दिया। वारदात का खुलासा 9 महीने बाद हुआ है।

पुलिस ने आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर उसके खेत से एक कंकाल बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या से पहले उसने दोस्त को शराब पिलाई गई, फिर गला घोंटकर मार दिया।

मृतक की पत्नी पिछले 9 महीनों से अपने पति की तलाश में अधिकारियों के चक्कर काट रही थी। मुख्यमंत्री ऑफिस में शिकायत के बाद पुलिसवाले हरकत में आए और मामला खुला। पूरी घटना अमृतपुर थाना क्षेत्र के गुजरपुर पमारान गांव की है।

तीन साल पहले युवक की हुई थी शादी गुजरपुर पमारान गांव का रहने वाला ओमवीर (26) साइकिल मिस्त्री था। गांव में उसकी छोटी सी दुकान थी। तीन साल पहले उसकी शादी शाहजहांपुर की धर्मशीला से हुई थी। अभी उनके कोई बच्चे नहीं थे। परिवार में दो भाई राजवीर और राहुल हैं। तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। ओमवीर के पिता की 2015 में सर्पदंश से मौत हो गई थी।

20 जुलाई, 2025 की शाम करीब 7 बजे ओमवीर अपनी दुकान पर था। तभी पड़ोसी रामू यादव (25) वहां आया। रामू टेंट लगाने का काम करता था। उसने ओमवीर से साथ चलने को कहा। ओमवीर ने दुकान बंद की और घर पहुंचा।

पत्नी धर्मशीला से खाना लगाने के लिए कहा, लेकिन बिना खाना खाए वह रामू के साथ चला गया। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

ओमवीर की मां राजेश्वरी देवी ने सपा नेता और पूर्व प्रधान देवेंद्र यादव समेत 6 लोगों के खिलाफ शिकायत दी। करीब डेढ़ महीने बाद, 31 अगस्त को पत्नी धर्मशीला ने मुख्य आरोपी रामू यादव, सपा नेता पूर्व प्रधान देवेंद्र यादव, गुलाब सिंह उर्फ तिलक, सुरजीत यादव, श्यामवीर और बंटी उर्फ रामऔतार के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया।

खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं कई महीनों तक मामले की जांच चलती रही। खुलासे के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। आसपास के जिलों में भी तलाश की गई, लेकिन ओमवीर का कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान पत्नी धर्मशीला लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं।

बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी शिकायत की। करीब 9 महीने बाद, 31 मार्च 2026 की रात पुलिस ने मुख्य आरोपी रामू को देहरादून से गिरफ्तार किया। थाना अमृतपुर प्रभारी रक्षा सिंह के नेतृत्व में एसओजी और सर्विलांस टीम ने पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में आरोपी रामू यादव ने हत्या की बात कबूल ली।

आरोपी बोला- बहन का रिश्ता खराब किया पूछताछ में आरोपी रामू ने बताया, ओमवीर उसका दोस्त था। वह उसे अपनी बहन की ससुराल लेकर गया था। वहां ओमवीर ने उसकी बहन से छेड़छाड़ की। यह बात ससुराल वालों ने भी देख ली, जिससे रिश्ता खराब हो गया।

इसी रंजिश में उसने हत्या की साजिश रची। उसने सुरजीत यादव को भी साथ मिला लिया। घटना वाले दिन ओमवीर को अपने खेत पर बुलाया। पहले उसे शराब पिलाई, फिर गमछे से गला घोंटकर मार दिया। हत्या के बाद शव को वहीं मक्के के खेत में गाड़ दिया।

कई घंटे की मशक्कत के बाद मिला कंकाल आरोपी की निशानदेही पर बुधवार सुबह मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक टीम खेत पर पहुंची। जेसीबी से खेत की खुदाई कराई गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद करीब पांच फीट गहरे गड्ढे से कंकाल बरामद हुआ। मौके से तौलिया, चप्पल और कपड़े भी मिले हैं।

ओमवीर के घर से घटनास्थल की दूरी करीब 1 किलोमीटर है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी सबूत जुटाए हैं। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। घटनास्थल पर थाना फतेहगढ़, थाना राजेपुर समेत कई थानों की पुलिस तैनात रही।

9 महीने तक भटकती रही पत्नी, सीएम ऑफिस से मिली मदद ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने बताया- उन्हें न्याय पाने के लिए 9 महीने तक भटकना पड़ा। वह कई बार थाने गईं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व थानाध्यक्ष मोनू शाक्य उन्हें परेशान करती थीं। कहती थीं कि उन्हें कहीं न्याय नहीं मिलेगा।

धर्मशीला ने यह भी कहा कि मामले में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) रवि शोलंकी ने भी मदद नहीं की। थाना स्तर पर आरोपी पक्ष को संरक्षण मिलने का आरोप लगाया।

लखनऊ में मुख्यमंत्री दरबार पहुंचने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई। धर्मशीला ने आरोप लगाया कि पूर्व थानाध्यक्ष उनके देवर को थाने में बैठाकर दबाव बनाती थीं। उसे प्रताड़ित करने और झूठे आरोप लगाने की भी कोशिश की गई।

लापरवाही पर थाना प्रभारी और विवेचक निलंबित

ओमवीर के शव का पोस्टमार्टम पैनल के जरिए कराया गया, जिसमें डॉक्टर विकास पटेल और डॉक्टर सरवर इकबाल शामिल रहे। डीएनए जांच के लिए सैंपल भी एकत्रित किया गया। एसपी आरती सिंह ने बताया, तत्कालीन थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या और तत्कालीन विवेचक रवि सोलंकी को निलंबित कर दिया गया है।

बताया गया कि 3 मार्च को वर्तमान थानाध्यक्ष रक्षा सिंह द्वारा मामले की जांच शुरू की गई थी। प्रभावी कार्रवाई करते हुए महज 29 दिनों में ही हत्या का खुलासा कर दिया गया। एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई से केस सुलझाया गया। परिजनों ने मोदी-राठौर युवा सेना के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर पाल सिंह राठौर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी।

पूर्व थानाध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार इस मामले में पूर्व थानाध्यक्ष मोनू शाक्य से फोन पर बात की गई। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में एसओजी, सर्विलांस टीम और ड्रोन कैमरे से मौके की जांच कराई गई थी। मामले की पूरी जानकारी समय-समय पर उच्च अधिकारियों को दी गई थी।

अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया-

ओमवीर की पत्नी ने कुछ महीने पहले प्रार्थना पत्र दिया था। एसपी के निर्देश पर कई टीमें बनाई गईं। 31 मार्च की देर रात मुख्य आरोपी रामू को देहरादून से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल की। शव को घर से करीब 1 किलोमीटर दूर अपने खेत में दफन किया था। आज कंकाल बरामद कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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