E-Paperक्राइमटॉप न्यूज़

सूरत खून के मामले में फंसी की सजा ।

सूरत के चर्चित और बेहद सनसनीखेज हत्या मामले में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी बेचर काकड़िया को मौत की सजा सुनाई है।

आरोपी को फांसी की सजा
सूरत के चर्चित और बेहद सनसनीखेज हत्या मामले में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी बेचर काकड़िया को मौत की सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट ने इस अपराध को “रेयर ऑफ रेयरेस्ट” श्रेणी का मामला मानते हुए कड़ी टिप्पणी के साथ फैसला सुनाया।
आरोपी अपने दोस्त से व्यवसाय में लगाए गए 15 लाख रुपये वापस नहीं मिलने से नाराज था और इसी रंजिश में उसने यश दोशी को निशाना बनाया।
कोर्ट में पेश साक्ष्यों के अनुसार आरोपी ने युवक पर एसिड और हीरा उद्योग में उपयोग होने वाले रेड कटर के जरिए हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। अदालत ने अपने 110 पृष्ठों के विस्तृत फैसले में कहा कि यह अपराध अत्यंत क्रूर, अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाला है।
स्पेशल कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां सामान्य व्यक्ति एसिड का नाम सुनकर ही भयभीत हो जाता है, वहां पीड़ित ने जिस असहनीय पीड़ा का सामना किया होगा, उसकी कल्पना करना भी कठिन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे खतरनाक अपराधी के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
सरकारी पक्ष की ओर से एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर तेजस पंचोली ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान करीब 60 दस्तावेजी साक्ष्य और 36 गवाहों की गवाही पेश की गई, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के इतिहास में यह नौवीं मौत की सजा है। चीफ डिस्ट्रिक्ट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नयन सुखदवाला के नेतृत्व में अब तक नौ गंभीर मामलों में दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जा चुकी है।
यह फैसला केवल एक अपराधी को सजा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जघन्य अपराधों के खिलाफ कानून की सख्त चेतावनी और न्यायपालिका की दृढ़ प्रतिबद्धता का भी प्रतीक माना जा रहा है। सूरत की न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में इस फैसले को एक महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाले निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!