
धमतरी में आधी रात को खाकी का रौब : थिएटर से लौट रहे परिवार के साथ बदसलूकी, सोती बच्ची का वास्ता भी न पिघला सका पुलिस कर्मिदल!
1 -देर रात थिएटर से मूवी देखकर घर लौट रहा था परिवार
2-बीच हाईवे पर गाड़ी रुकवाकर सीधा इंजन से चाबी निकली
3 -विरोध करने पर रात भर अंदर बंद करने की धमकी
4-सबूत के लिए कैमरा ऑन किया तो थप्पड़ मारा
5-हाथ मरोड़कर मोबाइल छोनने की कोशिश, की बदसलूकी की युवक, सोती बच्ची का देता रहा वास्ता
पुलिसकर्मी आपस में मजे से फोन चलाते रहे, परिवार रोता रहा
क्या सुरक्षा के नाम पर किसी परिवार के साथ ऐसी थप्पड़बाज़ी और अभद्रता करना जायज़ है?
क्या पुलिस का काम सुरक्षा की भावना देना है या देर रात सड़क पर डर का माहौल बनाना?
एक आम नागरिक, उसकी पत्नी और सोती हुई मासूम बच्ची के आँसू… क्या वर्दी को नहीं दिखे?
रात भर बेइन्साफ़ी, धमकी और बदसलूकी क्या यही है ‘सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता’?
वीडियो वायरल है, सबूत आपके सामने हैं…
अब सवाल ये है – क्या दोषियों पर होगी कार्रवाई या फिर सिस्टम एक बार फिर चुप रह जाएगा?
वर्दी को अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए, खासकर तब जब सामने एक महिला और सोती हुई मासूम बच्ची हो !
घटना को लेकर सार्वजनिक मंचों पर लोगों द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस मामले के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
पुलिस का पक्ष:- पुलिस अधिकारियों का बयान है कि वाहन की सामने की नंबर प्लेट टूटी हुई थी। देर रात का समय होने और अलग-अलग दस्तावेजों (आरसी और आधार कार्ड) में अलग-अलग पते/नाम होने के कारण पहचान संदिग्ध लगी थी। पुलिस के अनुसार, परिवार के साथ होने के कारण अंततः युवक को बिना किसी कार्रवाई के जाने दिया गया।
नागरिकों की प्रतिक्रिया:- सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स और वीडियो (जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक) के माध्यम से लोग सुरक्षा के नाम पर ‘सड़क पर डर के माहौल’ और ‘अभद्रता’ को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।




