“ओवरलोड बसों से यात्रियों की जान खतरे में, जिम्मेदार कौन?”
"देखिए यह तस्वीर... यात्रियों से ठसाठस भरी बस। लोग दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर हैं। सवाल यह है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?"

“बस में जरूरत से ज्यादा सवारियां भरना न केवल नियमों का उल्लंघन हो सकता है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे की वजह भी बन सकता है। अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना होने पर सबसे ज्यादा खतरा दरवाजे पर खड़े यात्रियों को होता है।”
“यात्रियों का कहना है कि पर्याप्त बसें नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में इस तरह सफर करना पड़ता है। लोगों की मांग है कि परिवहन विभाग भीड़ वाले समय में अतिरिक्त बसें चलाए और ओवरलोड बसों पर सख्त कार्रवाई करे।”
सिटी बस सेवा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का आरोप है कि कुछ कंडक्टर उनसे ₹5-₹5 नकद लेते हैं, लेकिन टिकट नहीं देते। हमारे पास मौजूद वीडियो में भी कुछ यात्री इसी तरह की शिकायत करते दिखाई दे रहे हैं।
यदि ये आरोप सही हैं, तो इससे यात्रियों के साथ धोखाधड़ी के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो सकता है।
यात्री मांग कर रहे हैं कि परिवहन विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी यात्री के साथ ऐसा न हो।
हम संबंधित विभाग का पक्ष भी जानने की कोशिश करेंगे। यदि विभाग इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।”
“जब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक हजारों यात्रियों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी। प्रशासन से अपील है कि इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान दिया जाए।”




